Guar Bhav Kab Aayenge : ग्वार (Guar) की कीमतों को लेकर किसानों के बीच लंबे समय से सवाल बना हुआ है कि आखिर अच्छे भाव कब आएंगे। अब जो संकेत मिल रहे हैं, वे किसानों के लिए राहत भरे हैं। अंतरराष्ट्रीय बाजार में ग्वार गम और ग्वार दाने की माँग लगातार बढ़ रही है, खासकर चार प्रमुख देशों से ऑर्डर तेज हुए हैं। इसका सीधा असर आने वाले समय में ग्वार के भाव पर पड़ने की उम्मीद जताई जा रही है।
पिछले कुछ महीनों में घरेलू मंडियों में ग्वार के रेट दबाव में रहे, लेकिन एक्सपोर्ट डिमांड बढ़ने से अब माहौल बदलता नजर आ रहा है। निर्यातकों और व्यापारियों का कहना है कि जैसे-जैसे विदेशी ऑर्डर बढ़ेंगे, वैसे-वैसे मंडियों में भी दामों में सुधार देखने को मिलेगा।
यह भी देखे : Bakri Palan Loan Yojana 2026 : 2026 में बकरी पालन के लिए सरकार दे रही है ₹2 लाख 10 हजार, अभी आवेदन करें

इन 4 देशों में बढ़ी ग्वार की माँग
ग्वार की सबसे ज्यादा मांग औद्योगिक और फूड प्रोसेसिंग सेक्टर से आती है। मौजूदा समय में United States, China, Germany और United Arab Emirates से ग्वार और ग्वार गम की मांग तेजी से बढ़ी है। इन देशों में ऑयल एंड गैस, फार्मा और फूड इंडस्ट्री में ग्वार गम का बड़े पैमाने पर उपयोग किया जाता है।
ग्वार की कीमतों पर क्यों पड़ेगा असर
जब अंतरराष्ट्रीय बाजार में मांग बढ़ती है, तो उसका सीधा असर एक्सपोर्ट पर पड़ता है। भारत दुनिया का सबसे बड़ा ग्वार उत्पादक और निर्यातक देश है। निर्यात बढ़ने से घरेलू स्टॉक कम होता है, जिससे मंडियों में भाव मजबूत होने लगते हैं। जानकारों का मानना है कि आने वाले हफ्तों में ग्वार के रेट धीरे-धीरे ऊपर की ओर बढ़ सकते हैं।
किसानों के लिए यह समय क्यों अहम है
जिन किसानों के पास अभी ग्वार का स्टॉक मौजूद है, उनके लिए यह समय बेहद अहम माना जा रहा है। बाजार विशेषज्ञ सलाह दे रहे हैं कि जल्दबाजी में बिक्री करने के बजाय अंतरराष्ट्रीय संकेतों पर नजर रखें। अगर एक्सपोर्ट डिमांड इसी तरह बनी रही, तो किसानों को अपनी उपज का बेहतर मूल्य मिल सकता है।
आने वाले दिनों का अनुमान
ट्रेड रिपोर्ट्स के अनुसार, आने वाले कुछ महीनों में विदेशी ऑर्डर और बढ़ सकते हैं। इसके साथ ही नई फसल की आवक और मौसम की स्थिति भी कीमतों को प्रभावित करेगी। अगर सप्लाई सीमित रही और मांग मजबूत बनी रही, तो ग्वार भाव में अच्छी तेजी देखने को मिल सकती है